सर्वं खल्विदं ब्रह्म — निरावरण ब्रह्म और सावरण ब्रह्म को आर्य समाज नहीं समझ सकता
The Sanatan Shankar
12 Mar 2026
क्या “सर्वं खल्विदं ब्रह्म” का अर्थ सिर्फ निराकार ईश्वर है?